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  #1  
06-15-2012
kuldeep sharma
Junior Member
 
: Dec 2011
: ghaziabad
: 72
:
: 13 | 0.00 Per Day
काला, धन नहीं- काली कमाई !


आए दिन सुनने व पढ़्ने में आता है की इतना काला धन , यहां कालाधन वहां कालाधन ! समझ में नहीं आता कि धन/मुद्रा तो सरकार द्वारा जारी की जाती है वो काली कैसे हो सकती है ? काला धन नहीं - काली कमाई होती है । काली कमाई जैसे : रक्षा सौदों में गुणवता व उपयोगिता को दरकिनार रख ली गई दलाली, बिना वास्तविक खरीद के कागज़ों पर खरीद/फ़रोख्त दिखा कर जनता/सरकारी पैसे की बन्दरबांट , करोढ़ों का अनाज सढ़्ने के छोढ़ कोढ़ीयों के भाव शराब निर्माताओं को बेच , शराब से होने वाले करोढ़ों के मुनाफ़े में हिस्सेदारी , बिजली, सेल्सटैक्स, एकसाईज़, कस्टम ड्यूटी , भवन/ज़मीन के बैनामो का कम मूल्य दिखाकर राजस्व शुल्क की चोरी या यूं कहिए कि राजनेताओं/कर्मचारी व अधिकारीओं की आपसी मिली भगत व ईमान बेच कर प्राप्त की गई धनराशी काली कमाई है । आप तय करें की भ्रष्टाचार के साथ रहना मजबूरी है या उसके खिलाफ़ सघंर्ष करना ज़रूरी है!

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